आर्थिक सर्वेक्षण में ‘विकसित भारत’ का प्रतिबिंब
लेखक: सत्येंद्र जैन (आर्थिक चिंतक)
संसद के बजट सत्र में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 देश की आर्थिक दिशा और भविष्य की संभावनाओं का दर्पण बनकर सामने आया है। यह सर्वेक्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विज़न को साकार करने की दिशा में ठोस प्रगति का संकेत देता है।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार बजट पेश करने जा रही हैं—यह अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने संसद में वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करते हुए भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को रेखांकित किया।

7.4% GDP वृद्धि का अनुमान, दुनिया में सबसे तेज अर्थव्यवस्था
वित्त वर्ष 2026 के लिए जीडीपी वृद्धि दर 7.4% और जीवीए 7.3% रहने का अनुमान है। पिछले सर्वेक्षण में 6.3–6.8% का अनुमान था। लगातार चौथी बार भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
वित्त वर्ष 2027 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है।
राजकोषीय घाटा 4.8% से घटकर 4.4% होने का अनुमान है, जो बेहतर वित्तीय प्रबंधन का संकेत है।
बैंकिंग सुधार और NPA में ऐतिहासिक गिरावट
बैंक एनपीए घटकर 2.2% पर आ गया है, जो बहु-दशकीय न्यूनतम स्तर है। राष्ट्रीय बैंकों के विलय जैसे संरचनात्मक सुधारों का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
जन धन और वित्तीय समावेशन
प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत मार्च 2025 तक 55.02 करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें 36.63 करोड़ खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं।
सितंबर 2025 तक 12 करोड़ से अधिक विशिष्ट निवेशक जुड़े, जिनमें लगभग 25% महिलाएं हैं।
विदेशी मुद्रा भंडार और वैश्विक व्यापार में मजबूती
- सेवा निर्यात: 387.6 बिलियन डॉलर (13.6% वृद्धि)
- विदेशी मुद्रा भंडार (16 जनवरी 2026): 701.4 बिलियन डॉलर
- वैश्विक निर्यात हिस्सेदारी 1% से बढ़कर 1.8%
भारत 2025 में 135.4 बिलियन डॉलर की जमा प्राप्ति के साथ विश्व में अग्रणी रहा।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में रिकॉर्ड वृद्धि
- खाद्यान्न उत्पादन: 3577.3 एलएमटी
- बागवानी उत्पादन: 362.08 मिलियन टन
- पीएम किसान सम्मान निधि के तहत अब तक 4.09 लाख करोड़ रुपये जारी
कृषि क्षेत्र में चावल, गेहूं, मक्का और श्री अन्न के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
विनिर्माण और PLI योजना का असर
- पहली और दूसरी तिमाही में विनिर्माण वृद्धि 7.72% और 9.13%
- 14 क्षेत्रों में पीएलआई योजना के तहत 2 लाख करोड़ का निवेश
- 12.6 लाख से अधिक रोजगार सृजित
- सेमीकंडक्टर मिशन के तहत 1.60 लाख करोड़ का निवेश
इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक विस्तार
- रेलवे हाईस्पीड कॉरिडोर: 550 किमी (2014) से बढ़कर 5,364 किमी
- हवाई अड्डे: 74 (2014) से 164 (2025)
- डिस्कॉम ने पहली बार 20,701 करोड़ रुपये का सकारात्मक पीएटी दर्ज किया
- नवीकरणीय ऊर्जा में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर
भारत स्वायत्त सैटेलाइट डॉकिंग क्षमता हासिल करने वाला चौथा देश बना है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक प्रगति
- GER: प्राथमिक 90.9%, उच्च प्राथमिक 90.3%, माध्यमिक 78.7%
- 23 IIT, 21 IIM, 20 AIIMS संचालित
- जंजीबार और अबूधाबी में अंतरराष्ट्रीय IIT कैंपस
- मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय गिरावट
ई-श्रम पोर्टल पर 31 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक पंजीकृत हैं, जिनमें 54% महिलाएं हैं।
नीति आयोग के अनुसार बहुआयामी गरीबी सूचकांक 55.3% (2005-06) से घटकर 11.28% (2022-23) हुआ है।
