विदिशा / कुरवाई। नगर परिषद कुरवाई में एक कर्मचारी की कथित फर्जी स्थाई नियुक्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वार्ड क्रमांक 10 से पार्षद इल्यास मोहम्मद ने इस संबंध में जिला कलेक्टर विदिशा को पत्र लिखकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी पाए जाने पर नियुक्ति निरस्त करने की मांग की है।
पार्षद द्वारा कलेक्टर को भेजे गए पत्र में नगर परिषद कुरवाई में कार्यरत कर्मचारी हर्षित एलिया पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि संबंधित कर्मचारी ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों और गलत तथ्यों के आधार पर खुद को स्थाई कर्मचारी घोषित करवा लिया है।
कार्य में लापरवाही और अनुपस्थिति के आरोप
शिकायत पत्र के अनुसार, हर्षित एलिया को राजस्व वसूली जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लगाया गया है, लेकिन वे नियमित रूप से कार्य नहीं कर रहे हैं, जिससे नगर परिषद की आय प्रभावित हो रही है। आरोप है कि कर्मचारी मुख्यालय कुरवाई में उपस्थित नहीं रहते और विदिशा से अप-डाउन करते हैं।पार्षद ने वर्तमान प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी राजेश कांकर पर कर्मचारी को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया है।

आरोप है कि बाद में कर्मचारी ने न्यायालय के आदेश का गलत हवाला देते हुए खुद को स्थाई कर्मचारी नियुक्त करवा लिया, जबकि न्यायालय द्वारा केवल दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्य करने का ही आदेश दिया गया था।इसके अतिरिक्त, शिकायत में यह भी कहा गया है कि कर्मचारी ने अपनी सेवा अवधि को वर्ष 2007 से पूर्व का दर्शाकर अनुचित लाभ प्राप्त किया।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
पार्षद इल्यास मोहम्मद ने कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की सूक्ष्म एवं निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी की फर्जी नियुक्ति को तत्काल निरस्त किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए।अब यह मामला प्रशासनिक स्तर पर जांच का विषय बन गया है और नगर परिषद कुरवाई में इसे लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
