लेखक: सत्येंद्र कुमार जैन, स्तंभकार
“अभी जिंदगी के इम्तिहान और भी हैं,अभी तो जिंदगी की असली उड़ान बाकी है।अभी तो नापी है सिर्फ मुट्ठी भर जमीन,अभी तो सारा आसमान बाकी है।सितारों के आगे जहाँ और भी है…”
ये पंक्तियाँ भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक आशीष ऊषा अग्रवाल के व्यक्तित्व और संगठनात्मक सफर पर सटीक बैठती हैं। संगठन के प्रति समर्पण, निरंतर परिश्रम, मीडिया प्रबंधन में दक्षता और कार्यकर्ताओं से आत्मीय संबंध उनकी कार्यशैली के प्रमुख पक्ष हैं।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में आशीष ऊषा अग्रवाल को राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष की सहमति से 17 अगस्त 2026 को उन्हें मध्य प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी पद से पदोन्नत कर राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक नियुक्त किया गया। इसके बाद 23 सितंबर 2026 को उन्हें राष्ट्रीय मीडिया विभाग का संयोजक नियुक्त किया गया।
लगभग एक माह के अंतराल में मिली इन महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को उनके संगठनात्मक अनुभव और मीडिया प्रबंधन की क्षमता के संदर्भ में देखा गया। राष्ट्रीय स्तर पर उनकी भूमिका का विस्तार भाजपा के मीडिया तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
आशीष ऊषा अग्रवाल ने कम समय में राष्ट्रीय मीडिया विभाग की जिम्मेदारी संभालते हुए पार्टी के पक्ष को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने पर ध्यान केंद्रित किया। उनके निर्देशन में देशभर में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गईं। केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के माध्यम से विभिन्न समसामयिक राजनीतिक विषयों पर पार्टी का पक्ष मीडिया के सामने रखा गया। विपक्षी दलों के आरोपों और राजनीतिक बयानों का जवाब देने के लिए भी मीडिया विभाग सक्रिय रहा।
उनके व्यक्तित्व का एक प्रेरणादायक पक्ष यह है कि वे अपने नाम के साथ अपनी पूज्य स्वर्गीय माता ऊषा अग्रवाल का नाम जोड़ते हैं। यह उनके लिए मातृ-स्मरण और पारिवारिक संस्कारों से जुड़ा भावनात्मक पक्ष है। वे स्वयं को एक कार्यकर्ता के रूप में देखते हैं और संगठन के प्रति समर्पण को अपनी प्राथमिकता मानते हैं।

मध्य प्रदेश भाजपा में मीडिया प्रबंधन की जिम्मेदारी
मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने भी आशीष अग्रवाल की संगठनात्मक क्षमता, कार्यशैली, तकनीकी दक्षता, नवाचार और मीडिया प्रबंधन के अनुभव को देखते हुए उन्हें प्रदेश मीडिया विभाग की जिम्मेदारी सौंपी थी।
इससे पहले 29 अप्रैल 2023 को उन्हें मध्य प्रदेश भाजपा का मीडिया प्रभारी बनाया गया था। इसके बाद उन्होंने प्रदेश मीडिया विभाग को सक्रिय और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार प्रयास किए।
वर्ष 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 163 सीटों पर जीत दर्ज की और लगभग 49 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया। इसके बाद अमरवाड़ा और बुधनी विधानसभा उपचुनावों में भी भाजपा को जीत मिली।
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की सभी 29 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की। पार्टी का वोट शेयर लगभग 60 प्रतिशत रहा। इन चुनावी परिणामों के दौरान भाजपा के मीडिया विभाग ने भी अपनी संगठनात्मक जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। लेखक के अनुसार, मीडिया विभाग के प्रभावी प्रबंधन और समन्वय में आशीष अग्रवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
लेखक सत्येंद्र कुमार जैन बताते हैं कि उन्हें भी आशीष अग्रवाल का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है, जिससे सार्वजनिक और राजनीतिक विषयों पर अपनी बात अधिक प्रखरता से रखने में सहायता मिली।
किसी भी राजनीतिक दल के लिए मीडिया विभाग संगठन और जनमानस के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम होता है। आशीष अग्रवाल के नेतृत्व में प्रतिदिन प्रेस नोट, फोटो और वीडियो तैयार कर मीडिया संस्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था को सक्रिय रखा गया। लेखक के अनुसार, प्रदेश में उनके कार्यकाल के दौरान लगभग सवा तीन वर्षों में ढाई हजार के आसपास प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गईं।
मीडिया जगत से पारिवारिक संबंध
आशीष अग्रवाल की कार्यशैली का एक महत्वपूर्ण पक्ष मीडिया जगत के लोगों के साथ उनके व्यक्तिगत और आत्मीय संबंध हैं। वे पत्रकारिता जगत को परिवार की तरह मानते हैं और मीडिया संस्थानों के स्वामियों, संपादकों, संवाददाताओं, कैमरामैन तथा यूट्यूबर्स के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखते हैं।
वे पत्रकारों के सुख-दुख में सहभागी बनने और आवश्यकता पड़ने पर सहयोग करने का प्रयास करते हैं। दिल्ली प्रवास के दौरान भी वे पत्रकार साथियों से व्यक्तिगत रूप से मिलते हैं और उनके पारिवारिक जीवन से जुड़े अवसरों में सहभागिता करते हैं।भोपाल में एक पत्रकार साथी पर विपत्ति आने पर उनके समर्थन में खड़े होने का प्रसंग भी उनकी इसी कार्यशैली को दर्शाता है।
इसी तरह दिल्ली में कांग्रेस और इंडी गठबंधन के आंदोलन के दौरान एक गर्भवती महिला पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की की घटना के बाद उन्होंने पत्रकार की कुशलक्षेम जानी और सहायता की।
उनकी विशेषता यह भी है कि वे बड़े मीडिया संस्थानों से लेकर छोटे समाचार चैनलों, वेब पोर्टल और स्वतंत्र यूट्यूबर्स तक सभी के लिए सहज उपलब्ध रहने का प्रयास करते हैं। मीडिया के साथ संवाद और व्यक्तिगत संबंधों को बनाए रखना उनके कार्य करने के तरीके का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
संगठनात्मक जिम्मेदारियों में भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
आशीष अग्रवाल की संगठनात्मक दक्षता को देखते हुए उन्हें मीडिया विभाग के अतिरिक्त अन्य महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियों में भी अवसर मिला।मध्य प्रदेश में एक देश, एक चुनाव से संबंधित प्रदेश स्तरीय टोली में भी उन्हें शामिल किया गया था।
इसके अतिरिक्त संगठन पर्व और सदस्यता अभियान के दौरान देवास जिले में बूथ समितियों, मंडल अध्यक्षों और जिला अध्यक्ष के चुनाव से संबंधित जिम्मेदारियां भी उन्हें सौंपी गईं।
इन दायित्वों के माध्यम से उन्होंने संगठन के विभिन्न स्तरों पर कार्य करने का अनुभव प्राप्त किया। मीडिया प्रबंधन के साथ संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भागीदारी उनके कार्यक्षेत्र की व्यापकता को दर्शाती है।
संगठन के युवा नेतृत्व की नई पहचान
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में राष्ट्रीय मीडिया विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे आशीष ऊषा अग्रवाल के सामने अब राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की नीतियों, निर्णयों और विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की चुनौती है।
मध्य प्रदेश में मीडिया प्रभारी के रूप में प्राप्त अनुभव और संगठन के विभिन्न स्तरों पर निभाई गई जिम्मेदारियां उनके लिए इस नई भूमिका में उपयोगी साबित हो सकती हैं।
उनकी कार्यशैली में निरंतर परिश्रम, संगठन के प्रति निष्ठा, मीडिया जगत से संवाद और नई तकनीकों को अपनाने की प्रवृत्ति दिखाई देती है। यही गुण उन्हें संगठन के युवा नेतृत्व के रूप में अलग पहचान देते हैं।
लेखक सत्येंद्र कुमार जैन की कामना है कि आशीष ऊषा अग्रवाल इसी प्रकार अपने कर्मयोग और संगठनात्मक समर्पण से नए कीर्तिमान स्थापित करते रहें तथा आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति और संगठन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
इति श्री।
लेखक: सत्येंद्र कुमार जैन, स्तंभकार
